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Lord Shani

Shani Chalisa

📿 Lord Shani Chalisa

By TraditionalUpdated 28 February 2026

About Shani Chalisa

Shani Chalisa is a 40-verse hymn dedicated to Lord Shani — the god of justice and karma, the lord of the planet Saturn. Shani Dev is known to be the most powerful of all planets. Reciting this chalisa on Saturdays removes the malefic effects of Shani, reduces the hardships of Sade Sati, and grants justice, discipline, and ultimate liberation.

📿 Shani ChalisaLyrics in Hindi

॥ दोहा ॥ जयति जयति शनिदेव दयाला। करत सदा भक्तन प्रतिपाला॥ चार भुजाधारी अति सुक्ष्मा। स्याम वरण सिर छत्र प्रभु विक्रमा॥ ॥ चौपाई ॥ जय जय जय शनिदेव भगवाना। करहु कृपा प्रभु सुनहु विनाना॥ श्याम वर्ण सर छत्र विराजे। कंदुल केश शनि देव सजे॥ गिद्ध वाहन पर शनि देव आते। भक्तन को दर्शन देते जाते॥ नीलांबर वसन बदन गहरा। शनि राशि सूर्य के पहरा॥ कुलिश हाथ त्रिशूल धारे। करते भक्तन की रखवारे॥ कर्मफल दाता न्याय विधाता। जग में शनि की जो छाया आता॥ साढ़े साती में जो तुमको ध्यावे। शनि कृपा से पार वो जावे॥ काल सर्प दोष शनि की माया। शनि चालीसा करे छाया काया॥ सूर्य पुत्र छाया से जन्मे। शनि देव को जगत के धन्मे॥ राम भक्त शनि देव महान। हनुमत कृपा पाते भगवान॥ शनि की दशा में सत्य धर्म राखो। लोभ छोड़ शनि देव की शरण लाखो॥ शनि क्रोध से बचना चाहो। प्रेम भक्ति से शनि को ध्याओ॥ जो यह चालीसा पढ़े मन लाई। शनि देव की कृपा पाई जाई॥ शनिवार दिन व्रत जो करे। शनि दोष सब दूर उड़े॥ तिल तेल दीपक जो जलावे। शनि देव की महिमा गावे॥ पीपल वृक्ष शनि को है प्यारा। शनि पूजन कर करो उजियारा॥ सात मुखी रुद्राक्ष धारण करना। नीलम रत्न शनि की शरण करना॥ शनि की महादशा में घबराओ मत। शनि चालीसा से पाओ रहमत॥ प्रेम सहित जो शनि यश गावे। जन्म जन्म के पाप नसावे॥ शनि चालीसा जो पढ़हीं। शनि कृपा से भव सागर चढ़हीं॥ ॥ दोहा ॥ शनि चालीसा प्रेम से, पढ़े जो नर हर शनि। शनि देव होत प्रसन्न तब, दें अभय वरदानि॥

Benefits of Reciting Shani Chalisa

  • Removes effects of Sade Sati
  • Grants justice and karma resolution
  • Best on Saturdays
  • Mitigates Shani mahadasha
  • Brings discipline and liberation