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राधा रानी

राधा चालीसा

📿 राधा रानी चालीसा

द्वारा Traditionalअद्यतन 28 फ़रवरी 2026

बारे में राधा चालीसा

राधा चालीसा श्री राधा रानी को समर्पित 40 चौपाइयों का भक्ति गीत है - भगवान कृष्ण की आत्मा और शुद्ध प्रेम (भक्ति) की प्रतिमूर्ति। राधा वृंदावन की सर्वोच्च देवी हैं। राधा चालीसा का पाठ करने से शांति आती है, दुख दूर होते हैं और भक्तों को राधा-कृष्ण की कृपा प्राप्त करने में मदद मिलती है।

📿 राधा चालीसाचालीसा के बोल

॥ दोहा ॥ श्री राधा वृषभानुजा, भक्तन जीवन आधार। वृन्दावन विहारिणी, प्रणाम बारम्बार॥ ॥ चौपाई ॥ जय जय श्री राधे किशोरी। जय जय वृषभानु की मोरी॥ गौरमयी तुम हो सुखरासी। श्री कृष्ण की नित्य विलासी॥ राधा नाम जो सुमिरन करई। श्री कृष्ण की भक्ति सो लहई॥ वृन्दावन की तुम महारानी। भक्तन की तुम हो कल्याणी॥ अष्ट महासिद्धि और नवनिधि। तव चरणन में प्रीति की निधि॥ श्री कृष्ण के हृदय में बसती। गोपिन संग नित्य तुम हंसती॥ रास रसिक तुम प्रिय पिया की। छटा निराली ब्रज गलिया की॥ नख शिख रूप अनूप तिहारो। कोटि चन्द्र की शोभा डारो॥ नयन विशाल प्रेम रस भरी। चितवन भक्तन कष्ट निहारी॥ बाँसुरी तान तुुम्हें ही भावे। श्री कृष्ण तुमको नित ध्यावे॥ राधा चालीसा जो गावे। जीवन में वो सब सुख पावे॥ प्रेम भक्ति की तुम हो दाता। श्री कृष्ण की तुम हो प्रदाता॥ जो सुमिरै तुमको चित लाई। ताको कष्ट न कबहूं आई॥ राधे नाम है अपरम्पारा। जाको वेदन में पुकारा॥ तुम सम सुमुखि न दूनि औरा। श्री कृष्ण तुमरी ओर निहोरा॥ जय जय जय राधा महारानी। सब में व्यापित जो गुण खानी॥ तुम्हरो तेज प्रबल जग माहीं। तुम सम कोउ दयाल कहूं नाहीं॥ मोहि अनाथ की सुधि अब लीजै। संकट काटि भक्ति मोहि दीजे॥ भूल चूक करी क्षमा हमारी। दर्शन दीजै दशा निहारी॥ राधा चालीसा जो नर गावे। कृष्ण प्रेम का सुख सो पावे॥ ॥ दोहा ॥ राधे राधे जपत रहो, जब तक घट में प्राण। श्री कृष्ण की कृपा सदा, करें भक्त कल्यान॥

चालीसा पाठ के लाभ राधा चालीसा

  • राधा-कृष्ण का दिव्य प्रेम प्राप्त होता है
  • वृंदावन के मंदिरों में लोकप्रिय
  • भक्ति और समर्पण प्रदान करता है
  • हृदय को शुद्ध प्रेम से भर देता है
  • कृष्ण की कृपा का मार्ग