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खाटू श्याम चालीसा
📿 खाटू श्याम जी चालीसा
द्वारा Traditional • अद्यतन 28 फ़रवरी 2026
बारे में खाटू श्याम चालीसा
खाटू श्याम चालीसा खाटू श्याम जी को समर्पित है — राजस्थान के प्रसिद्ध खाटू श्याम मंदिर में पूजित देवता। खाटू श्याम की पहचान बर्बरीक से है, जो भीम के पोते और घटोत्कच के पुत्र हैं। वे 'हारे का सहारा' (पराजितों के सहारा) हैं और कमजोरों तथा पराजितों को आशीर्वाद देते हैं। इस चालीसा का पाठ करने से विजय प्राप्त होती है, दुख दूर होते हैं और सभी मनोकामनाएं पूरी होती हैं।
📿 खाटू श्याम चालीसा — चालीसा के बोल
॥ दोहा ॥
जय श्याम सुंदर सुखदाई। खाटू धाम के देव सहाई॥
हारे का सहारा प्यारे। भक्तन के संकट टारे॥
॥ चौपाई ॥
जय जय जय खाटू श्याम सुहाई। कलियुग में करते सब सहाई॥
श्याम सुंदर बाँके बिहारी। भक्तन की पीड़ा हरने वाले भारी॥
बर्बरीक थे नाम पुराना। भीम पुत्र घटोत्कच की संताना॥
तीन बाण वाले वीर बड़े थे। महाभारत में खड़े खड़े थे॥
कृष्ण ने शीश मांगा उनसे। बर्बरीक ने दिया हंसते मुखसे॥
सिर देकर संसार में आए। खाटू श्याम नाम से जाने जाए॥
राजस्थान में खाटू धाम। वहाँ विराजे सांवरे श्याम॥
फाल्गुन एकादशी मेला भरता। देश विदेश से भक्त है तुरता॥
लाखों भक्त चरण में आते। श्याम की महिमा शीश नवाते॥
हारे का सहारा तुम हो। भक्तन के दुख दूर करो॥
नीला घोड़ा तुम पर सवार। मयूर पंख सिर का श्रृंगार॥
पीले वस्त्र सुंदर साजे। खाटू श्याम की महिमा राजे॥
श्याम बाबा की जय जय वारी। भक्तन की पूरी है पुकारी॥
खाटू श्याम चालीसा गावे। मनवांछित फल सभी को पावे॥
॥ दोहा ॥
खाटू श्याम की शरण में, जो भक्त आए धाय।
हारा भी जीत जाए वो, श्याम की कृपा पाय॥
चालीसा पाठ के लाभ खाटू श्याम चालीसा
- कमजोरों और पराजितों का सहारा
- सभी मनोकामनाएं पूर्ण करते हैं
- राजस्थान के प्रसिद्ध खाटू श्याम मंदिर
- दुख और कठिनाइयाँ दूर करते हैं
- फाल्गुन एकादशी में विशेष रूप से पूजनीय




