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चामुण्डा देवी चालीसा
📿 माँ चामुण्डा चालीसा
द्वारा Traditional • अद्यतन 28 फ़रवरी 2026
बारे में चामुण्डा देवी चालीसा
चामुण्डा देवी चालीसा देवी चामुण्डा को समर्पित एक शक्तिशाली भजन है — देवी दुर्गा का भयंकर रूप जिन्होंने चण्ड और मुण्ड नामक असुरों का वध किया। वे सप्तमातृकाओं (सात दिव्य माताओं) में से एक हैं और मैसूर के प्रसिद्ध चामुण्डेश्वरी मंदिर में पूजी जाती हैं। इस चालीसा का पाठ करने से सभी शत्रु नष्ट होते हैं, बुरी नजर दूर होती है और निर्भयता प्राप्त होती है।
📿 चामुण्डा देवी चालीसा — चालीसा के बोल
॥ दोहा ॥
जय चामुण्डे जग की माता। दुष्ट दलन सुखदाता॥
चण्ड मुण्ड के नाश करैया। भक्तन की माँ तुम हितकरैया॥
॥ चौपाई ॥
जय जय चामुण्डा देवी माता। दानव दलन भक्त सुखदाता॥
चण्ड मुण्ड को तुम संहारी। काली रूप तुम्हारी प्यारी॥
मुण्डमाल गल सोहत प्यारी। अष्टभुजी रणदायिनी भारी॥
खप्पर हाथ रक्त से भरते। शत्रु दल को क्षण में हरते॥
त्रिशूल खड्ग शूल धारणी। चामुण्डे भव दुख निवारणी॥
सिंह पर सवार तुम आती। दैत्यों का संहार कराती॥
मैसूर पर्वत पर विराजो। चामुण्डेश्वरी अंबरानी साजो॥
साल वृक्ष छाया में बसती। भक्तन की विपदा हर हसती॥
अष्ट सिद्धि नव निधि की दाता। सप्त मातृकाओं की माता॥
काली तारा छिन्नमस्ता नामा। भुवनेश्वरी बगला सुखधामा॥
नवरात्रि में तुम्हें मनाते। चामुण्डा देवी यश गाते॥
जो तुमको ध्यावे मन लाई। ताकी नजर दूर भागाई॥
चामुण्डा चालीसा जो गावे। भय रोग शत्रु से मुक्ति पावे॥
जो यह पाठ करे श्रद्धा लाई। माता की कृपा मिले जाई॥
॥ दोहा ॥
चामुण्डा माता शरण में, जो नर शीश नवाय।
सकल शत्रु भय दूर हो, मंगल सुख हो जाय॥
चालीसा पाठ के लाभ चामुण्डा देवी चालीसा
- सभी शत्रुओं का नाश करती है
- बुरी नजर (नजर) दूर करती है
- निर्भयता और साहस प्रदान करती है
- प्रसिद्ध चामुण्डेश्वरी मंदिर का आशीर्वाद
- काले जादू से रक्षा करती है




