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भगवान शिव

ॐ जय शिव ओंकारा

🙏 भगवान शिव की आरती

अद्यतन: 28 फ़रवरी 2026

बारे में ॐ जय शिव ओंकारा

ॐ जय शिव ओंकारा भगवान शिव को समर्पित प्रमुख आरती है। यह आरती भगवान शिव के विभिन्न गुणों और रूपों का वर्णन करती है - जैसे कि वे जो अर्धचंद्र धारण करते हैं, माउंट कैलाश पर निवास करते हैं, त्रिशूल धारण करते हैं और अपनी जटाओं में गंगा को धारण करते हैं।

🪔 ॐ जय शिव ओंकाराआरती के बोल

ॐ जय शिव ओंकारा, स्वामी जय शिव ओंकारा। ब्रह्मा, विष्णु, सदाशिव, अर्द्धांगी धारा। ॐ जय शिव ओंकारा॥ एकानन चतुरानन पंचानन राजे, हंसानन गरुड़ासन वृषवाहन साजे। ॐ जय शिव ओंकारा॥ दो भुज चार चतुर्भुज दस भुज अति सोहे, तीनों रूप निरखता त्रिभुवन जन मोहे। ॐ जय शिव ओंकारा॥ अक्षमाला वनमाला मुण्डमाला धारी, चन्दन मृगमद सोहे भाले शशिधारी। ॐ जय शिव ओंकारा॥ श्वेताम्बर पीताम्बर बाघम्बर अंगे, सनकादिक गरुणादिक भूतादिक संगे। ॐ जय शिव ओंकारा॥ कर मध्ये कमण्डलु चक्र त्रिशूलधारी, सुखकारी दुखहारी जगपालन कारी। ॐ जय शिव ओंकारा॥ ब्रह्मा विष्णु सदाशिव जानत अविवेका, प्रणवाक्षर के मध्ये ये तीनों एका। ॐ जय शिव ओंकारा॥ त्रिगुण शिवजी की आरती जो कोई नर गावे, कहत शिवानन्द स्वामी मनवांछित फल पावे। ॐ जय शिव ओंकारा॥

आरती पाठ के लाभ ॐ जय शिव ओंकारा

  • प्रमुख शिव आरती
  • सोमवार और सावन के लिए सबसे उत्तम
  • शिव के आशीर्वाद प्रदान करती है
  • सभी पापों को दूर करती है