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जय सन्तोषी माता
🙏 माँ सन्तोषी की आरती
अद्यतन: 3 अप्रैल 2026
बारे में जय सन्तोषी माता
जय सन्तोषी माता संतोष की देवी माँ सन्तोषी की प्रमुख आरती है। विशेष रूप से शुक्रवार को इस आरती का पाठ करने से शांति मिलती है और सभी मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं।
🪔 जय सन्तोषी माता — आरती के बोल
जय सन्तोषी माता, मैया जय सन्तोषी माता।
अपने सेवक जन को, सुख सम्पत्ति दाता॥ जय सन्तोषी माता॥
सुन्दर चीर सुनहरी, माँ धारण कीन्हों।
हीरा पन्ना दमके, तन श्रृंगार कीन्हों॥ जय सन्तोषी माता॥
गेरू लाल छटा छवि, बदन कमल सोहे।
मन्द हंसत करुणामयी, त्रिभुवन मन मोहे॥ जय सन्तोषी माता॥
स्वर्ण सिंहासन बैठी, चँवर ढुरें प्यारे।
धूप, दीप, मधुमेवा, भोग धरें न्यारे॥ जय सन्तोषी माता॥
गुड़ अरु चना परमप्रिय, तामें संतोष कियो।
सन्तोषी कहलाई, भक्तन वैभव दियो॥ जय सन्तोषी माता॥
शुक्रवार प्रिय मानत, आज दिवस सोही।
भक्त मण्डली छाई, कथा सुनत मोही॥ जय सन्तोषी माता॥
आरती पाठ के लाभ जय सन्तोषी माता
- संतोष और शांति लाती है
- ईमानदार इच्छाओं को पूरा करती है
- शुक्रवार को सर्वश्रेष्ठ
- पारिवारिक विवादों को दूर करती है




