← सभी आरतियाँ

श्री रामचन्द्र कृपालु भजमन
🙏 भगवान राम की आरती
अद्यतन: 28 फ़रवरी 2026
बारे में श्री रामचन्द्र कृपालु भजमन
श्री रामचन्द्र कृपालु भजमन गोस्वामी तुलसीदास द्वारा रचित एक सुंदर भक्ति स्तोत्र और आरती है।
🪔 श्री रामचन्द्र कृपालु भजमन — आरती के बोल
श्री रामचन्द्र कृपालु भजमन, हरण भवभय दारुणम्।
नवकंज लोचन, कंज मुख कर, कंज पद कंजारुणम्॥
कंदर्प अगणित अमित छवि, नव नील नीरद सुंदरम्।
पट पीत मानहुँ तड़ित रुचि, शुचि नौमि जनक सुतावरम्॥
भजु दीनबंधु दिनेश दानव, दैत्यवंशनिकंदनम्।
रघुनंद आनंदकंद कौशल, चंद्र दशरथनंदनम्॥
सिर मुकुट कुण्डल तिलक चारु, उदारु अंग विभूषणम्।
आजानुभुज शर-चापधर, संग्राम जित खरदूषणम्॥
इति वदति तुलसीदास, शंकर शेष मुनि मन रंजनम्।
मम हृदय कंज निवास कुरु, कामादि खलदल गंजनम्॥
आरती पाठ के लाभ श्री रामचन्द्र कृपालु भजमन
- तुलसीदास द्वारा रचित
- जन्म-मरण के चक्र से मुक्ति
- राम नवमी के लिए उत्तम
- भक्ति से परिपूर्ण करती है




