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भगवान धन्वंतरि

धनतेरस आरती (धन्वंतरी आरती)

🙏 भगवान धन्वंतरि की आरती

अद्यतन: 28 फ़रवरी 2026

बारे में धनतेरस आरती (धन्वंतरी आरती)

धनतेरस की आरती आयुर्वेद के देवता भगवान धन्वंतरि को समर्पित है। इस आरती का पाठ धनतेरस पर करने से आरोग्य की प्राप्ति होती है।

🪔 धनतेरस आरती (धन्वंतरी आरती)आरती के बोल

जय धन्वंतरि देवा, ॐ जय धन्वंतरि देवा। स्वामी जय धन्वंतरि देवा, जरा-रोग से पीड़ित, जन-जन सुख देवा॥ ॐ जय धन्वंतरि देवा॥ तुम समुद्र से निकले, अमृत कलश लिए। स्वामी अमृत कलश लिए, देवासुर के संकट आकर दूर किए॥ ॐ जय धन्वंतरि देवा॥ आयुर्वेद बनाया, जग में फैलाया। स्वामी जग में फैलाया, सदा स्वस्थ रहने का, साधन बतलाया॥ ॐ जय धन्वंतरि देवा॥ भुजा चार अति सुंदर, शंख सुधा धारी। स्वामी शंख सुधा धारी, आयुर्वेद वनस्पति से शोभा भारी॥ ॐ जय धन्वंतरि देवा॥ तुम को जो नित ध्यावे, रोग नहीं आवे। स्वामी रोग नहीं आवे, असाध्य रोग भी उसका, निश्चय मिट जावे॥ ॐ जय धन्वंतरि देवा॥ हाथ जोड़कर प्रभुजी, दास खड़ा तेरा। स्वामी दास खड़ा तेरा, वैद्य-समाज तुम्हारे चरणों का घेरा॥ ॐ जय धन्वंतरि देवा॥ धन्वंतरि की आरती जो कोई नर गावे। स्वामी प्रेम सहित गावे, रोग-शोक न आए, सुख-समृद्धि पावे॥ ॐ जय धन्वंतरि देवा॥

आरती पाठ के लाभ धनतेरस आरती (धन्वंतरी आरती)

  • धन और समृद्धि को आकर्षित करती है
  • अच्छा स्वास्थ्य लाती है
  • गरीबी को दूर करती है
  • दिवाली की तैयारियों के लिए शुभ